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Thread: Lyrics of Indian Patriotic Songs
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29-07-2008, 06:05 PM #1
Lyrics of Indian Patriotic Songs
जहाँ डाल्-डाल् पर
सोने की चिड़ियां करती है बसेरा
वो भारत देश है मेरा
जहाँ सत्य अहिंसा और धर्म का
पग्-पग् लगता डेरा
वो भारत देश है मेरा
ये धरती वो जहां ऋषि मुनि
जपते प्रभु नाम् की माला
जहां हर् बालक् एक् मोहन् है
और् राधा हर् एक् बाला
जहां सूरज् सबसे पहले आ कर्
डाले अपना फेरा
वो भारत देश है मेरा
अलबेलों की इस् धरती के
त्योहार् भी है अलबेले
कहीं दीवाली की जगमग् है
कहीं हैं होली के मेले
जहां राग् रंग् और् हँसी खुशी का
चारो और् है घेरा
वो भारत देश है मेरा
जहां आसमान् से बाते करते
मंदिर और् शिवाले
जहां किसी नगर् मे किसी द्वार् पर
को न ताला डाले
प्रेम् की बंसी जहां बजाता
है ये शाम् सवेरा
वो भारत देश है मेरा॥।
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29-07-2008, 06:07 PM #2
तू ना रोना, के तू है भगत सिंह की माँ
मर के भी लाल तेरा मरेगा नहीं
डोली चढ़के तो लाते है दुल्हन सभी
हँसके हर कोई फाँसी चढ़ेगा नहीं
जलते भी गये कहते भी गये
आज़ादी के परवाने
जीना तो उसीका जीना है
जो मरना देश पर जाने
जब शहीदों की डोली उठे धूम से
देशवालों तुम आँसू बहाना नहीं
पर मनाओ जब आज़ाद भारत का दिन
उस घड़ी तुम हमें भूल जाना नहीं
ऐ वतन ऐ वतन हमको तेरी क़सम
तेरी राहों मैं जां तक लुटा जायेंगे
फूल क्या चीज़ है तेरे कदमों पे हम
भेंट अपने सरों की चढ़ा जायेंगे
ऐ वतन ऐ वतन
कोई पंजाब से, कोई महाराष्ट्र से
कोई यू पी से है, कोई बंगाल से
तेरी पूजा की थाली में लाये हैं हम
फूल हर रंग के, आज हर डाल से
नाम कुछ भी सही पर लगन एक है
जोत से जोत दिल की जगा जायेंगे
ऐ वतन ऐ वतन ...
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29-07-2008, 06:08 PM #3
इन्साफ़ की डगर पे, बच्चों दिखाओ चल के
ये देश है तुम्हारा, नेता तुम्हीं हो कल के
दुनिया के रंज सहना और कुछ न मुँह से कहना
सच्चाइयों के बल पे आगे को बढ़ते रहना
रख दोगे एक दिन तुम संसार को बदल के
इन्साफ़ की ...
अपने हों या पराए सबके लिये हो न्याय
देखो कदम तुम्हारा हरगिज़ न डगमगाए
रस्ते बड़े कठिन हैं चलना सम्भल-सम्भल के
इन्साफ़ की ...
इन्सानियत के सर पर इज़्ज़त का ताज रखना
तन मन भी भेंट देकर भारत की लाज रखना
जीवन नया मिलेगा अंतिम चिता में जल के,
इन्साफ़ की डगर पे, बच्चों दिखाओ चल के
ये देश है तुम्हारा, नेता तुम्हीं हो कल के
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29-07-2008, 06:09 PM #4
ऐ मेरे वतन् के लोगों
तुम् खूब् लगा लो नारा
ये शुभ् दिन् है हम् सब् का
लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर् मत् भूलो सीमा पर्
वीरों ने है प्राण् गँवा
कुछ् याद् उन्हें भी कर् लो -२
जो लौट् के घर् न आये -२
ऐ मेरे वतन् के लोगों
ज़रा आँख् में भर् लो पानी
जो शहीद् हु हैं उनकी
ज़रा याद् करो क़ुरबानी
जब् घायल् हु हिमालय्
खतरे में पड़ी आज़ादी
जब् तक् थी साँस् लड़े वो
फिर् अपनी लाश् बिछा दी
संगीन् पे धर् कर् माथा
सो गये अमर् बलिदानी
जो शहीद्॥।
जब् देश् में थी दीवाली
वो खेल् रहे थे होली
जब् हम् बैठे थे घरों में
वो झेल् रहे थे गोली
थे धन्य जवान् वो आपने
थी धन्य वो उनकी जवानी
जो शहीद्॥।
को सिख् को जाट् मराठा
को गुरखा को मदरासी
सरहद् पे मरनेवाला
हर् वीर् था भारतवासी
जो खून् गिरा पर्वत् पर्
वो खून् था हिंदुस्तानी
जो शहीद्॥।
थी खून् से लथ्-पथ् काया
फिर् भी बन्दूक् उठाके
दस्-दस् को एक् ने मारा
फिर् गिर् गये होश् गँवा के
जब् अन्त्-समय् आया तो
कह् गये के अब् मरते हैं
खुश् रहना देश् के प्यारों
अब् हम् तो सफ़र् करते हैं
क्या लोग् थे वो दीवाने
क्या लोग् थे वो अभिमानी
जो शहीद्॥।
तुम् भूल् न जा उनको
इस् लिये कही ये कहानी
जो शहीद्॥।
जय् हिन्द्॥। जय् हिन्द् की सेना -२
जय् हिन्द् जय् हिन्द् जय् हिन्द्
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29-07-2008, 06:10 PM #5
भारत हमको जान से प्यारा है
भारत हमको जान से प्यारा है
सबसे न्यारा गुलिस्तां हमारा है
सदियों से भारत भूमि दुनिया की शान है
भारत मां की रक्षा में जीवन क़ुर्बान है
भारत हमको जान से ...
उजड़े नहीं अपना चमन, टूटे नहीं अपना वतन
दुनिया धर धरती कोरी, बरबाद ना करदे कोई
मन्दिर यहाँ, मस्जिद वहाँ, हिन्दू यहाँ मुस्लिम वहाँ
मिलते रहे हम प्यार से
जागो ...
हिन्दुस्तानी नाम हमारा है, सबसे प्यारा देश हमारा है
जन्मभूमि है हमारी शान से कहेंगे हम
सभी तो भाई-भाई प्यार से रहेंगे हम
हिन्दुस्तानी नाम हमारा है
आसाम से गुजरात तक, बंगाल से महाराष्ट्र तक
झनकी सही गुन एक है, भाषा अलग सुर एक है
कश्मीर से मद्रास तक, कह दो सभी हम एक हैं
आवाज़ दो हम एक हैं..
भारत हमको जान से प्यारा है
सबसे न्यारा गुलिस्तां हमारा है..
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29-07-2008, 06:11 PM #6
छोडो कल की बातें कल की बात पुरानी
छोडो कल की बातें कल की बात पुरानी
नए दौर में लिखेंगे मिल कर नयी कहानी
हम हिन्दुस्तानी.... हम हिन्दुस्तानी
आज पुरानी जंजीरों को तोड़ चुके है
क्या देखे उस मंजिल को जो छोड़ चुके है
चाँद के दर पे जा पंहुचा है आज ज़माना
नए जगत से हम भी नाता जोड़ चुके है
नया खून है नयी उमंगें अब है नयी जवानी
हमको कितने ताजमहल है और बनाने
कितने ही अजन्ता है, हमको और सजाने
अभी पलटना है रुख कितने दरियाओ का
कितने पर्वत राहो से है आज हटाने
आओ मेहनत को अपना इमान बनाये
अपने हाथों से अपना भगवान बनाये
राम की इस धरती को,गौतम की इस भूमि को..
सपनो से भी प्यारा हिंदुस्तान बनाये
दाग गुलामी का धोया है जान लुटा के...
दीप जलाये है कितने दीप बुझा के...
मिली है आज़ादी तो,इस आज़ादी को ..
रखना होगा हर दुश्मन से आज बचा के...
हर जर्रा है मोती आँख उठाकर देखो...
मिटटी में है सोना हाथ बढाकर देखो...
सोने की ये गंगा है,चाँदी की जमुना....
चाहो तो पत्थर पे धान उगाकर के देखो...
नए दौर में लिखेंगे मिल कर नयी कहानी........
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29-07-2008, 06:13 PM #7
सारे जहाँ से अच्छा
सारे जहाँ से अच्छा
सारे जहाँ से अच्छा
हिंदुस्तान हमारा
हम बुलबुलें हैं उसकी
वो गुलसिताँ हमारा।
परबत वो सबसे ऊँचा
हमसाया आसमाँ का
वो संतरी हमारा
वो पासबाँ हमारा।
गोदी में खेलती हैं
जिसकी हज़ारों नदियाँ
गुलशन है जिनके दम से
रश्क-ए-जिनाँ हमारा।
मज़हब नहीं सिखाता
आपस में बैर रखना
हिंदी हैं हम वतन है
हिंदुस्तान हमारा।
- मुहम्मद इक़बाल
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21-08-2008, 11:46 PM #8
हम होंगे कामयाब
हम होंगे कामयाब
होंगे कामयाब,
हम होंगे कामयाब एक दिन
मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास
हम होंगे कामयाब एक दिन।
हम चलेंगे साथ-साथ
डाल हाथों में हाथ
हम चलेंगे साथ-साथ, एक दिन
मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास
हम चलेंगे साथ-साथ एक दिन।
होगी शांति चारों ओर, एक दिन
मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास
होगी शांति चारों ओर एक दिन।
नहीं डर किसी का आज एक दिन
मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास
नहीं डर किसी का आज एक दिन।
हम होंगे कामयाब
होंगे कामयाब,
हम होंगे कामयाब एक दिन
मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास
हम होंगे कामयाब एक दिन।
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21-08-2008, 11:52 PM #9
मेरा रंग दे बसंती चोला
मेरा रंग दे बसंती चोला
मेरा रंग दे
ओ मेरा रंग दे बसंती चोला
माय रंगदे बसंती चोला
दम निकले इस देश के खातिर, बस इतना अरमान है
एक बार इस राह पे मरना, सौ जन्मों के समान है
देख के वीरों की कुर्बानी...
देख के वीरों की कुर्बानी, अपना दिल भी बोला || मेरा ||
जिस चोले को पहन शिवाजी, खेले अपनि जान पे
जिसे पहन झंसिकी रानी, मिटगयी अपने आन पे
आज उसीको पहनके निकला...
आज उसीको पहनके निकला, हम मस्तों का टोला ||मेरा||
बड़ा ही गहरा दाग है यारों, जिस का देश गुलाम है
ओह जीना भी क्या जीना है, अपना देश गुलाम है
सीने में जो दिल था यारों...
सीने में जो दिल था यारों, आज बना दे शोला || मेरा ||
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21-08-2008, 11:55 PM #10
धरती की शान तू भारत की सन्तान
धरती की शान तू भारत की सन्तान
तेरी मुठ्ठियों में बन्द तूफ़ान है रे
मनुष्य तू बडा महान है भूल मत
मनुष्य तू बडा महान् है ॥धृ॥
तू जो चाहे पर्वत पहाडों को फोड दे
तू जो चाहे नदीयों के मुख को भी मोड दे
तू जो चाहे माटी से अमृत निचोड दे
तू जो चाहे धरती को अम्बर से जोड दे
अमर तेरे प्राण ---२ मिला तुझको वरदान
तेरी आत्मा में स्वयम् भगवान है रे॥१॥
---मनुष्य तू बडा महान है
नयनो से ज्वाल तेरी गती में भूचाल
तेरी छाती में छुपा महाकाल है
पृथ्वी के लाल तेरा हिमगिरी सा भाल
तेरी भृकुटी में तान्डव का ताल है
निज को तू जान ---२ जरा शक्ती पहचान
तेरी वाणी में युग का आव्हान है रे ॥२॥
----मनुष्य तू बडा महान् है
धरती सा धीर तू है अग्नी सा वीर
तू जो चाहे तो काल को भी थाम ले
पापोंका प्रलय रुके पशुता का शीश झुके
तू जो अगर हिम्मत से काम ले
गुरु सा मतिमान् ---२ पवन सा तू गतिमान
तेरी नभ से भी उंची उडान है रे ॥३॥
---मनुष्य तू बडा महान है


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