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Indian Flag Poems ( तिरंगा कविताएँ )

  1. #1
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    Default Indian Flag Poems ( तिरंगा कविताएँ )

    तिरंगा ये हमारी शान है

    ये तिरंगा ये तिरंगा ये हमारी शान है
    विश्व भर में भारती की ये अमिट पहचान है।
    ये तिरंगा हाथ में ले पग निरंतर ही बढ़े
    ये तिरंगा हाथ में ले दुश्मनों से हम लड़े
    ये तिरंगा दिल की धड़कन ये हमारी जान है

    ये तिरंगा विश्व का सबसे बड़ा जनतंत्र है
    ये तिरंगा वीरता का गूँजता इक मंत्र है
    ये तिरंगा वंदना है भारती का मान है

    ये तिरंगा विश्व जन को सत्य का संदेश है
    ये तिरंगा कह रहा है अमर भारत देश है
    ये तिरंगा इस धरा पर शांति का संधान है

    इसके रेषों में बुना बलिदानियों का नाम है
    ये बनारस की सुबह है, ये अवध की शाम है
    ये तिरंगा ही हमारे भाग्य का भगवान है

    ये कभी मंदिर कभी ये गुरुओं का द्वारा लगे
    चर्च का गुंबद कभी मस्जिद का मिनारा लगे
    ये तिरंगा धर्म की हर राह का सम्मान है

    ये तिरंगा बाईबल है भागवत का श्लोक है
    ये तिरंगा आयत-ए-कुरआन का आलोक है
    ये तिरंगा वेद की पावन ऋचा का ज्ञान है

    ये तिरंगा स्वर्ग से सुंदर धरा कश्मीर है
    ये तिरंगा झूमता कन्याकुमारी नीर है
    ये तिरंगा माँ के होठों की मधुर मुस्कान है

    ये तिरंगा देव नदियों का त्रिवेणी रूप है
    ये तिरंगा सूर्य की पहली किरण की धूप है
    ये तिरंगा भव्य हिमगिरि का अमर वरदान है

    शीत की ठंडी हवा, ये ग्रीष्म का अंगार है
    सावनी मौसम में मेघों का छलकता प्यार है
    झंझावातों में लहरता ये गुणों की खान है

    ये तिरंगा लता की इक कुहुकती आवाज़ है
    ये रवि शंकर के हाथों में थिरकता साज़ है
    टैगोर के जनगीत जन गण मन का ये गुणगान है

    ये तिंरगा गांधी जी की शांति वाली खोज है
    ये तिरंगा नेता जी के दिल से निकला ओज है
    ये विवेकानंद जी का जगजयी अभियान है

    रंग होली के हैं इसमें ईद जैसा प्यार है
    चमक क्रिसमस की लिए यह दीप-सा त्यौहार है
    ये तिरंगा कह रहा- ये संस्कृति महान है

    ये तिरंगा अंदमानी काला पानी जेल है
    ये तिरंगा शांति औ' क्रांति का अनुपम मेल है
    वीर सावरकर का ये इक साधना संगान है

    ये तिरंगा शहीदों का जलियाँवाला बाग़ है
    ये तिरंगा क्रांति वाली पुण्य पावन आग है
    क्रांतिकारी चंद्रशेखर का ये स्वाभिमान है

    कृष्ण की ये नीति जैसा राम का वनवास है
    आद्य शंकर के जतन-सा बुद्ध का सन्यास है
    महावीर स्वरूप ध्वज ये अहिंसा का गान है

    रंग केसरिया बताता वीरता ही कर्म है
    श्वेत रंग यह कह रहा है, शांति ही धर्म है
    हरे रंग के स्नेह से ये मिट्टी ही धनवान है

    ऋषि दयानंद के ये सत्य का प्रकाश है
    महाकवि तुलसी के पूज्य राम का विश्वास है
    ये तिरंगा वीर अर्जुन और ये हनुमान है
    - राजेश चेतन


    आज तिरंगा फहराता है

    आज तिरंगा फहराता है अपनी पूरी शान से।
    हमें मिली आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।

    आज़ादी के लिए हमारी लंबी चली लड़ाई थी।
    लाखों लोगों ने प्राणों से कीमत बड़ी चुकाई थी।।
    व्यापारी बनकर आए और छल से हम पर राज किया।
    हमको आपस में लड़वाने की नीति अपनाई थी।।

    हमने अपना गौरव पाया, अपने स्वाभिमान से।
    हमें मिली आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।

    गांधी, तिलक, सुभाष, जवाहर का प्यारा यह देश है।
    जियो और जीने दो का सबको देता संदेश है।।
    प्रहरी बनकर खड़ा हिमालय जिसके उत्तर द्वार पर।
    हिंद महासागर दक्षिण में इसके लिए विशेष है।।

    लगी गूँजने दसों दिशाएँ वीरों के यशगान से।
    हमें मिली आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।

    हमें हमारी मातृभूमि से इतना मिला दुलार है।
    उसके आँचल की छैयाँ से छोटा ये संसार है।।
    हम न कभी हिंसा के आगे अपना शीश झुकाएँगे।
    सच पूछो तो पूरा विश्व हमारा ही परिवार है।।

    विश्वशांति की चली हवाएँ अपने हिंदुस्तान से।
    हमें मिली आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।
    - सजीवन मयंक


    तिरंगा ऊँचा रहे हमारा।

    विजयी विश्व तिरंगा प्यारा,झण्डा ऊँचा रहे हमारा।
    सदा शक्ति बरसाने वाला
    वीरों को हरसाने वाला
    प्रेम सुधा सरसाने वाला
    मातृभूमि का तन मन सारा,झण्डा ऊँचा रहे हमारा।१।

    लाल रंग बजरंगबली का
    हरा अहल इस्लाम अली का
    श्वेत सभी धर्मों का टीका
    एक हुआ रंग न्यारा-न्यारा,झण्डा उँचा रहे हमारा ।२।

    है चरखे का चित्र संवारा
    मानो चक्र सुदर्शन प्यारा
    हरे रंग का संकट सारा
    है यह सच्चा भाव हमारा,झण्डा उँचा रहे हमारा ।३।

    स्वतंत्रता के भीषण रण में
    लखकर जोश बढ़े क्षण-क्षण में
    कांपे शत्रु देखकर मन में
    मिट जायें भय संकट सारा,झण्डा ऊँचा रहे हमारा।४।

    इस झण्डे के नीचे निर्भय
    ले स्वराज्य का अविचल निश्चय
    बोलो भारत माता की जय
    स्वतंत्रता है ध्येय हमारा,झण्डा उँचा रहे हमारा ।५।
    आओ प्यारे वीरों आओ
    देश धर्म पर बलि-बलि जाओ
    एक साथ सब मिलकर गाओ

    प्रयारा भारत देश हमारा,झण्डा उँचा रहे हमारा।६।
    शान न इसकी जाने पाये
    चाहे जान भले ही जाये
    विश्व विजय करके दिखलायें
    तब होवे प्रण पूर्ण हमारा,झण्डा उँचा रहे हमारा ।७।

  2. #2
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    Default Patriotic Poem - तिरंगा

    Tiranga - तिरंगा

    उत्साहित हैं बच्चे , उनके संग उल्लासित है तिरंगा
    पहन पुष्पहार अभिनंदन गीतों से शोभित है तिरंगा

    इस देश की आन है, हर एक दिल की जान है

    खुद अपनी ही नहीं भारत की पहचान है तिरंगा

    हिम शिखर पर लहरा कर, ये बतलाता गौरव अपना

    हिन्दुस्तान की शान हर दिल का सम्मान है तिरंगा

    जन गण मन का गायन हो सदा इसकी शान में

    तो वंदे मातरम कहने पर खुशी से लहराए तिरंगा

    हिन्दी भाषी हैं हम, वतन अपना हिन्दुस्तान है

    कहते जब भी आंखों में सबसे पहले लहराए तिरंगा।

  3. #3
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    Default Tiranga - कविता

    tricolor - तिरंगा

    तीन रंगों से बना तिरंगा,
    सदा शक्ति बरसाता है।
    देखो भारत की चोटी पर,
    शान से लहराता है।।

    केसरिया रंग को देखो,

    जो त्याग हमें सिखलाता है।
    जब भी कोई संकट आए,
    मर मिटना हमें बताता है।।

    सादा जीवन उच्च विचार,

    सफेद रंग बतलाता है।
    सत्य अहिंसा भाईचारे,
    का पाठ हमें सिखलाता है।।

    हरे रंग की अपनी कहानी,

    मन को हर्षित कर जाती है।
    हरी भरी प्रकृति को देखो,
    सबके मन को भाती है।।

    बीच में देखो अशोक चक्र को,

    जो हरदम चल ते रहता है।
    रुको नहीं तुम आगे बढ़ो,
    हरपल हमसे कहता है।।

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